2. अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (उदाहरण 1)

Lesson 2

अंकगणित की आधारभूत प्रमेय (उदाहरण 1)

Beginner 40 मिनट

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  • पाठ 1, अभाज्य गुणनखंडन

इस पाठ में आप क्या सीखोगे

पाठ 1 में हमने संख्याओं को अभाज्य संख्याओं में तोड़ना सीखा। इस पाठ में देखेंगे कि यह तोड़ना हमेशा एक ही उत्तर क्यों देता है, और इसका फायदा क्या है।

  • किताब का अनुच्छेद 1.2: अंकगणित की आधारभूत प्रमेय, आसान भाषा में।
  • कोई संख्या अंक 0 पर कब खत्म होती है।
  • घात की घात का नियम, जैसे (2²)ⁿ = 2²ⁿ
  • उदाहरण 1 का पूरा हल, और उसी तरह के और प्रश्न।

1.2 अंकगणित की आधारभूत प्रमेय

पहले दो शब्द समझ लो:

  • प्रमेय = गणित की ऐसी बात, जो सिद्ध की जा चुकी है। इसे हम सीधे इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • आधारभूत = नींव वाली। यानी ऐसी बात, जिस पर आगे का गणित टिका है।

प्रमेय 1.1 (अंकगणित की आधारभूत प्रमेय): प्रत्येक भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के एक गुणनफल के रूप में व्यक्त (गुणनखंडित) किया जा सकता है तथा यह गुणनखंडन अभाज्य गुणनखंडों के आने वाले क्रम के बिना अद्वितीय होता है।

आसान भाषा में, इस प्रमेय में दो बातें हैं:

  1. हर भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणा में तोड़ा जा सकता है।
  2. यह तोड़ना सिर्फ एक ही तरह से होता है। बस संख्याओं का क्रम बदल सकता है।

"अद्वितीय" का मतलब है "सिर्फ एक"। "क्रम के बिना" का मतलब है कि 2 × 3 और 3 × 2 को एक ही माना जाता है।

उदाहरण: 60 को दो अलग तरह से तोड़कर देखो।

236251060
पहला तरीका: 60 = 6 × 10
224351560
दूसरा तरीका: 60 = 4 × 15
  • पहले वृक्ष के नीचे: 2, 3, 2, 5
  • दूसरे वृक्ष के नीचे: 2, 2, 3, 5

दोनों में दो बार 2, एक बार 3 और एक बार 5 आया है। सिर्फ क्रम अलग है। इसलिए दोनों तरीकों से 60 = 2² × 3 × 5 ही आता है। यही "अद्वितीय" का मतलब है।

किताब का उदाहरण: पाठ 1 में हमने 32760 को तोड़ा था।

32760 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5 × 7 × 13 = 2³ × 3² × 5 × 7 × 13

कोई और विद्यार्थी 32760 को किसी और तरह से तोड़े, तो भी उसे यही अभाज्य संख्याएँ मिलेंगी। हर संख्या उतनी ही बार आएगी।

यह प्रमेय काम कहाँ आती है? पाठ 3 में HCF और LCM इसी पर टिके हैं। पाठ 5 में √2 की उपपत्ति भी इसी पर टिकी है।

कोई संख्या अंक 0 पर कब खत्म होती है?

10, 20, 30, 100, 250 ... ये सब अंक 0 पर खत्म होती हैं। इन सबमें एक बात साझा है: इनमें 10 से पूरा भाग जाता है।

अब 10 को तोड़ो: 10 = 2 × 5 है। इसलिए जो संख्या 0 पर खत्म हो, उसमें 2 से भी भाग जाएगा और 5 से भी। आधारभूत प्रमेय के कारण, ऐसी संख्या के अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों ज़रूर आएँगे।

उल्टा भी सही है: जिसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों हों, उसमें 2 × 5 = 10 से भाग जाएगा। वह 0 पर खत्म होगी।

संख्याअभाज्य गुणनखंड2 और 5 दोनों?0 पर खत्म?
202² × 5हाँहाँ
153 × 5नहीं, 2 नहीं हैनहीं
162⁴नहीं, 5 नहीं हैनहीं
302 × 3 × 5हाँहाँ

नियम: कोई संख्या 0 पर खत्म होगी, तभी जब उसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों हों।

घात की घात का नियम

उदाहरण 1 में 4ⁿ को 2 की घात में बदलना पड़ेगा। इसके लिए यह नियम चाहिए।

सवाल: (2²)³ कितना होता है?

(2²)³ का मतलब है 2² को 3 बार गुणा करना:

(2²)³ = 2² × 2² × 2²

अब हर 2² को खोलो, यानी 2² = 2 × 2:

(2²)³ = (2 × 2) × (2 × 2) × (2 × 2)

यहाँ 2 कुल 6 बार गुणा हुआ है। इसलिए (2²)³ = 2⁶ = 64

6 कहाँ से आया? हर 2² में 2 दो बार है, और ऐसे 3 टुकड़े हैं। इसलिए 2 × 3 = 6

नियम: घात की घात में दोनों घातों का गुणा कर देते हैं।

(2²)ⁿ = 2²ⁿ, यानी 2 की घात 2 × n

जाँच: 4³ = 4 × 4 × 4 = 64, और ऊपर 2⁶ = 64 भी आया। दोनों बराबर हैं ✓

उदाहरण 1

उदाहरण 1: संख्याओं 4ⁿ पर विचार कीजिए, जहाँ n एक प्राकृत संख्या है। जाँच कीजिए कि क्या n का कोई ऐसा मान है, जिसके लिए 4ⁿ अंक शून्य (0) पर समाप्त होता है।

प्रश्न क्या कह रहा है? 4¹, 4², 4³, ... जैसी संख्याएँ लो। क्या इनमें से कोई कभी अंक 0 पर खत्म होगी?

हमें क्या निकालना है? "हाँ" या "नहीं", और उसका पक्का कारण। सिर्फ कुछ मान लिखकर देखना काफी नहीं है।

कौन-सा नियम लगेगा? 0 पर खत्म होने के लिए अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों चाहिए। और आधारभूत प्रमेय कहती है कि अभाज्य गुणनखंड सिर्फ एक तरह के होते हैं।

हल:

स्टेप 1: मान लो किसी प्राकृत संख्या n के लिए 4ⁿ अंक 0 पर खत्म होती है। हम देखेंगे कि यह मानना हमें कहाँ ले जाता है।

स्टेप 2: तब 4ⁿ में 10 से पूरा भाग जाएगा। 10 = 2 × 5 है, इसलिए 4ⁿ में 5 से भी भाग जाना चाहिए।

स्टेप 3: यानी 4ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में 5 होना चाहिए।

स्टेप 4: अब 4ⁿ को अभाज्य संख्याओं में तोड़ो। 4 = 2 × 2 = 2² है। इसलिए 4ⁿ = (2²)ⁿ है। घात की घात के नियम से (2²)ⁿ = 2²ⁿ है।

स्टेप 5: 2²ⁿ में सिर्फ एक अभाज्य संख्या है, और वह 2 है। इसमें 5 कहीं नहीं है।

स्टेप 6: आधारभूत प्रमेय कहती है कि अभाज्य गुणनखंडन सिर्फ एक ही होता है। इसलिए 4ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में 2 के अलावा कोई और संख्या, जैसे 5, कभी नहीं आ सकती।

स्टेप 7: स्टेप 3 में 5 चाहिए था, पर स्टेप 6 कहता है कि 5 कभी नहीं आएगा। दोनों बातें साथ में सच नहीं हो सकतीं। इसलिए स्टेप 1 में हमारा मानना गलत था।

अतः ऐसी कोई प्राकृत संख्या n नहीं है, जिसके लिए 4ⁿ अंक 0 पर समाप्त हो।

जाँच: 4¹ = 4, 4² = 16, 4³ = 64, 4⁴ = 256 है। आखिरी अंक सिर्फ 4 या 6 आता है, कभी 0 नहीं ✓

कॉपी में पूरा हल
माना किसी प्राकृत संख्या n के लिए 4ⁿ अंक 0 पर समाप्त होती है
⇒ 4ⁿ में 10 = 2 × 5 से भाग जाएगा
⇒ 4ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में 5 होना चाहिए
पर 4 = 2 × 2 = 2²
⇒ 4ⁿ = (2²)ⁿ = 2²ⁿ
⇒ 4ⁿ में सिर्फ अभाज्य संख्या 2 है,5 नहीं
आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 4ⁿ में 5 कभी नहीं आएगा,यह उलटी बात है
अतः किसी भी प्राकृत संख्या n के लिए 4ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होती
जाँच: 4, 16, 64, 256 का आखिरी अंक 4 या 6 है ✓

अब तुम करो: क्या 6ⁿ किसी प्राकृत संख्या n के लिए 0 पर खत्म हो सकती है?
उत्तर: नहीं। 6 = 2 × 3 है, इसलिए 6ⁿ = 2ⁿ × 3ⁿ है। इसमें 5 नहीं है।

एक और हल किया हुआ प्रश्न (किताब से नहीं)

प्रश्न: जाँच कीजिए कि क्या किसी प्राकृत संख्या n के लिए 15ⁿ अंक 0 पर समाप्त हो सकती है।

प्रश्न क्या कह रहा है? 15, 225, 3375, ... जैसी संख्याओं में क्या कोई कभी 0 पर खत्म होगी?

कौन-सा नियम लगेगा? वही नियम: 0 पर खत्म होने के लिए अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों चाहिए। यहाँ 5 तो मिल जाएगा, इसलिए देखना है कि 2 मिलता है या नहीं।

हल:

स्टेप 1: 15 को अभाज्य संख्याओं में तोड़ो: 15 = 3 × 5 है।

स्टेप 2: इसलिए 15ⁿ = (3 × 5)ⁿ = 3ⁿ × 5ⁿ है। ऐसा क्यों? 15ⁿ में 15 को n बार गुणा करते हैं, और हर 15 में एक 3 और एक 5 है। इसलिए कुल n बार 3 और n बार 5 आता है।

स्टेप 3: 15ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में सिर्फ 3 और 5 हैं। 2 नहीं है।

स्टेप 4: आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 2 कभी नहीं आएगा। 2 नहीं है, तो 10 से भाग नहीं जाएगा।

अतः किसी भी प्राकृत संख्या n के लिए 15ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होगी।

जाँच: 15¹ = 15, 15² = 225, 15³ = 3375 है। आखिरी अंक हमेशा 5 है ✓

कॉपी में पूरा हल
15 = 3 × 5
⇒ 15ⁿ = (3 × 5)ⁿ = 3ⁿ × 5ⁿ
⇒ 15ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में सिर्फ 3 और 5 हैं,2 नहीं
0 पर खत्म होने के लिए 2 और 5 दोनों चाहिए
आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 2 कभी नहीं आएगा
अतः किसी भी n के लिए 15ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होगी
जाँच: 15, 225, 3375 का आखिरी अंक 5 है ✓

अब तुम करो: क्या 20ⁿ हर प्राकृत संख्या n के लिए 0 पर खत्म होगी?
उत्तर: हाँ। 20 = 2² × 5 है, इसलिए 20ⁿ = 2²ⁿ × 5ⁿ में 2 और 5 दोनों हैं। जैसे 20, 400, 8000

खुद करके देखो (किताब से नहीं)

पहले खुद हल करो, फिर नीचे दिए हल से मिलाओ।

स्तर 1: शुरुआत

  1. 2 × 3 × 5 कितना होता है? क्या यह संख्या 0 पर खत्म होती है?
  2. (3²)² को 3 की एक घात में लिखो, और उसकी वैल्यू निकालो।

स्तर 2: अभ्यास

  1. 8 को 2 की घात में लिखकर बताओ कि 8ⁿ में कौन-कौन सी अभाज्य संख्याएँ हैं।
  2. क्या 12ⁿ किसी प्राकृत संख्या n के लिए 0 पर खत्म हो सकती है?

स्तर 3: परीक्षा अभ्यास (परीक्षा जैसे प्रश्न, पुराने प्रश्न पत्र से नहीं)

  1. सिद्ध कीजिए कि किसी भी प्राकृत संख्या n के लिए 9ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होती।

सारे प्रश्नों के हल

प्रश्न 1: 2 × 3 × 5

हल:

स्टेप 1: एक-एक करके गुणा करो: 2 × 3 = 6, फिर 6 × 5 = 30

स्टेप 2: 30 के अभाज्य गुणनखंडों में 2 भी है और 5 भी। इसलिए इसमें 10 से भाग जाएगा।

अंतिम उत्तर: 2 × 3 × 5 = 30 है, और 30 अंक 0 पर खत्म होती है।

कॉपी में पूरा हल
2 × 3 × 5 = 6 × 5
⇒ = 30
30 के अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों हैं
अतः 2 × 3 × 5 = 30,जो अंक 0 पर खत्म होती है

प्रश्न 2: (3²)²

हल:

स्टेप 1: (3²)² का मतलब है 3² × 3², यानी (3 × 3) × (3 × 3)

स्टेप 2: यहाँ 3 कुल 4 बार गुणा हुआ है। नियम से भी: 2 × 2 = 4, इसलिए (3²)² = 3⁴

स्टेप 3: वैल्यू: 3 × 3 = 9, 9 × 3 = 27, 27 × 3 = 81

अंतिम उत्तर: (3²)² = 3⁴ = 81

जाँच: 3² = 9, और 9² = 9 × 9 = 81 ✓

कॉपी में पूरा हल
(3²)² = 3² × 3²
⇒ = (3 × 3) × (3 × 3)
⇒ = 3⁴(2 × 2 = 4)
⇒ = 81
अतः (3²)² = 3⁴ = 81

प्रश्न 3: 8ⁿ की अभाज्य संख्याएँ

हल:

स्टेप 1: 8 = 2 × 2 × 2 = 2³ है।

स्टेप 2: इसलिए 8ⁿ = (2³)ⁿ = 2³ⁿ है। (घात की घात में गुणा: 3 × n)

अंतिम उत्तर: 8ⁿ में सिर्फ एक अभाज्य संख्या है, और वह 2 है। इसलिए 8ⁿ कभी 0 पर खत्म नहीं होगी, क्योंकि इसमें 5 नहीं है।

जाँच: 8² = 64 और 2⁶ = 64 है। n = 2 पर 3 × 2 = 6, यानी दोनों बराबर हैं ✓

कॉपी में पूरा हल
8 = 2 × 2 × 2 = 2³
⇒ 8ⁿ = (2³)ⁿ = 2³ⁿ
अतः 8ⁿ में सिर्फ अभाज्य संख्या 2 है,इसलिए 8ⁿ कभी 0 पर खत्म नहीं होगी

प्रश्न 4: क्या 12ⁿ अंक 0 पर खत्म हो सकती है?

कौन-सा नियम लगेगा? 0 पर खत्म होने के लिए अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों चाहिए।

हल:

स्टेप 1: 12 को तोड़ो: 12 = 2 × 2 × 3 = 2² × 3 है।

स्टेप 2: इसलिए 12ⁿ = 2²ⁿ × 3ⁿ है। इसमें सिर्फ 2 और 3 हैं।

स्टेप 3: 5 नहीं है, और आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 5 कभी नहीं आएगा।

अंतिम उत्तर: नहीं, किसी भी n के लिए 12ⁿ अंक 0 पर खत्म नहीं होगी।

जाँच: 12¹ = 12, 12² = 144, 12³ = 1728 है। आखिरी अंक 2, 4, 8 आए, 0 नहीं ✓

कॉपी में पूरा हल
12 = 2 × 2 × 3 = 2² × 3
⇒ 12ⁿ = 2²ⁿ × 3ⁿ
⇒ 12ⁿ में सिर्फ 2 और 3 हैं,5 नहीं
आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 5 कभी नहीं आएगा
अतः 12ⁿ किसी भी n के लिए अंक 0 पर खत्म नहीं होगी

प्रश्न 5: 9ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होती

प्रश्न क्या कह रहा है? दिखाना है कि 9, 81, 729, ... में से कोई भी कभी 0 पर खत्म नहीं होगी।

कौन-सा नियम लगेगा? उदाहरण 1 वाला तरीका: मान लो कि खत्म होती है, फिर दिखाओ कि यह मानना गलत है।

हल:

स्टेप 1: मान लो किसी प्राकृत संख्या n के लिए 9ⁿ अंक 0 पर खत्म होती है।

स्टेप 2: तब 9ⁿ में 10 = 2 × 5 से भाग जाएगा। यानी इसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों होने चाहिए।

स्टेप 3: पर 9 = 3 × 3 = 3² है, इसलिए 9ⁿ = (3²)ⁿ = 3²ⁿ है।

स्टेप 4: 3²ⁿ में सिर्फ अभाज्य संख्या 3 है। आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 2 और 5 कभी नहीं आएँगे।

स्टेप 5: स्टेप 2 और स्टेप 4 आपस में उल्टी बातें कहते हैं। इसलिए स्टेप 1 का मानना गलत था।

अतः किसी भी प्राकृत संख्या n के लिए 9ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होती।

जाँच: 9¹ = 9, 9² = 81, 9³ = 729 है। आखिरी अंक 9 या 1 आता है, कभी 0 नहीं ✓

कॉपी में पूरा हल
माना किसी प्राकृत संख्या n के लिए 9ⁿ अंक 0 पर समाप्त होती है
⇒ 9ⁿ में 10 = 2 × 5 से भाग जाएगा
⇒ 9ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 होने चाहिए
पर 9 = 3 × 3 = 3²
⇒ 9ⁿ = (3²)ⁿ = 3²ⁿ
⇒ 9ⁿ में सिर्फ अभाज्य संख्या 3 है
आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 2 और 5 कभी नहीं आएँगे,यह उलटी बात है
अतः किसी भी प्राकृत संख्या n के लिए 9ⁿ अंक 0 पर समाप्त नहीं होती(इति सिद्धम्)

जल्दी दोहराओ

  • प्रमेय 1.1: हर भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणा में तोड़ सकते हैं।
  • यह तोड़ना सिर्फ एक तरह से होता है, बस क्रम बदल सकता है।
  • कोई संख्या 0 पर तभी खत्म होती है, जब उसके अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों हों।
  • घात की घात में घातों का गुणा होता है: (2²)ⁿ = 2²ⁿ
  • 4ⁿ = 2²ⁿ में 5 नहीं है, इसलिए 4ⁿ कभी 0 पर खत्म नहीं होती।
  • ऐसे प्रश्न में "आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता" ज़रूर लिखो।
  • यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म 2026–27 पाठ्यक्रम में नहीं है।