7. अध्याय 1 का दोहराव, बोर्ड पैटर्न और अध्याय परीक्षा

Lesson 7

अध्याय 1 का दोहराव, बोर्ड पैटर्न और अध्याय परीक्षा

Intermediate 120 मिनट

You need before starting

  • अध्याय 1 के पाठ 1 से 6

इस पाठ में आप क्या सीखोगे

  • पूरे अध्याय 1 का एक जगह दोहराव।
  • सारे सूत्र, और कौन सा सूत्र कब लगाना है।
  • UPMSP मॉडल पेपर 2026–27 के इस अध्याय वाले सारे प्रश्न।
  • स्तर 0 से स्तर 4 तक अभ्यास, पूरे हल के साथ।
  • 20 अंक की अध्याय परीक्षा और उसका हल।

यह क्या है

अध्याय का सार

  1. अंकगणित की आधारभूत प्रमेय: हर भाज्य संख्या को अभाज्य संख्याओं के गुणा में तोड़ सकते हैं। यह तोड़ना सिर्फ एक तरह से होता है।
  2. HCF = साझा अभाज्य संख्याएँ, हर एक की सबसे छोटी घात, सबका गुणा।
  3. LCM = सारी अभाज्य संख्याएँ, हर एक की सबसे बड़ी घात, सबका गुणा।
  4. दो संख्याओं के लिए: HCF × LCM = a × b
  5. प्रमेय 1.2: अभाज्य p से a² में पूरा भाग जाए, तो a में भी जाएगा।
  6. √2, √3, √5 अपरिमेय हैं। इन्हें उल्टा मानकर सिद्ध करते हैं।
  7. परिमेय + अपरिमेय = अपरिमेय, और परिमेय − अपरिमेय = अपरिमेय। परिमेय (0 नहीं) × अपरिमेय = अपरिमेय।

सारे सूत्र और नियम

सूत्र / नियममतलबकब लगाना है
HCF = साझा, छोटी घातसबसे बड़ा साझा गुणनखंड"HCF ज्ञात कीजिए", "सबसे बड़ा बराबर हिस्सा"
LCM = सब, बड़ी घातसबसे छोटा साझा गुणज"LCM ज्ञात कीजिए", "फिर कब मिलेंगे"
HCF × LCM = a × bदो संख्याओं का गुणा = HCF × LCMतीन चीज़ें दी हों, चौथी पूछी हो (सिर्फ दो संख्याएँ)
LCM = (a × b) ÷ HCFऊपर वाले सूत्र सेHCF दिया है, LCM पूछा है
दूसरी संख्या = (HCF × LCM) ÷ पहलीऊपर वाले सूत्र सेएक संख्या, HCF, LCM दिए हैं
0 पर खत्म = 2 और 5 दोनों गुणनखंड10 = 2 × 5"क्या xⁿ अंक 0 पर समाप्त होगी?"
(aᵐ)ⁿ = aᵐⁿघात की घात में घातों का गुणा4ⁿ = 2²ⁿ जैसे सवाल

कौन सा तरीका कब

सवाल में यह लिखा होयह करो
"अभाज्य गुणनखंडों के गुणनफल के रूप में"बार-बार भाग देकर अभाज्य गुणनखंडन
"HCF और LCM ज्ञात कीजिए" (दो संख्याएँ)अभाज्य गुणनखंडन, फिर जाँच के लिए HCF × LCM = a × b
"HCF और LCM" (तीन संख्याएँ)सिर्फ अभाज्य गुणनखंडन। HCF × LCM वाला सूत्र नहीं
"HCF दिया है, LCM ज्ञात कीजिए"LCM = (a × b) ÷ HCF
"फिर कब मिलेंगे / एक साथ कब"LCM
"अंक 0 पर समाप्त"अभाज्य गुणनखंडन में 2 और 5 देखो
"भाज्य संख्या क्यों है"साझा गुणनखंड बाहर निकालो
"√p अपरिमेय है" (सिर्फ √p)तरीका 1: √p = मानो, वर्ग करो
"a + b√p अपरिमेय है"तरीका 2: √p को अकेला करो

यह क्यों ज़रूरी है

UPMSP 2026–27 पाठ्यक्रम में इकाई 1 (संख्या पद्धति) के 5 अंक हैं।

पाठ्यक्रम की सूची (बोर्ड की आधिकारिक)

विषयउप-विषय2026–27 में है?कहाँ से पता चला
वास्तविक संख्याएँअंकगणित की आधारभूत प्रमेय, उदाहरण सहितहाँUPMSP पाठ्यक्रम 2026–27
वास्तविक संख्याएँ√2, √3, √5 को अपरिमेय सिद्ध करनाहाँUPMSP पाठ्यक्रम 2026–27
वास्तविक संख्याएँअपरिमेय संख्याओं का पुनर्भ्रमण और सत्यापनहाँUPMSP पाठ्यक्रम 2026–27
वास्तविक संख्याएँHCF, LCM (अभाज्य गुणनखंडन से)हाँ (प्रमेय का उदाहरण)NCERT उदाहरण 2–4, प्रश्नावली 1.1
—यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्मनहींपाठ्यक्रम में नहीं, किताब में भाग नहीं
—परिमेय संख्याओं का दशमलव प्रसारनहींपाठ्यक्रम में नहीं, किताब में भाग नहीं

शुरू करने से पहले

किताब का कोई प्रश्न छूटा नहीं

किताब में क्याकहाँ हल किया
प्रमेय 1.1, 1.2, 1.3पाठ 2, पाठ 5
उदाहरण 1पाठ 2
उदाहरण 2, 3, 4 (टिप्पणी और "पाठकों के लिए विशेष" भी)पाठ 3
उदाहरण 5, 6, 7पाठ 5
प्रश्नावली 1.1: प्रश्न 1 (i–v), 2 (i–iii), 3 (i–iii), 4, 5, 6 (क, ख), 7 = 16 भागपाठ 4
प्रश्नावली 1.2: प्रश्न 1, 2, 3 (i–iii) = 5 भागपाठ 6

किताब में कुल: 3 प्रमेय + 7 उदाहरण + 16 + 5 = 31 हैं। हल किए: 31 हैं। छूटे: 0 हैं।

हल किए हुए अभ्यास प्रश्न

यहाँ अभ्यास प्रश्न हैं, आसान से मुश्किल तक, सबके पूरे हल के साथ। ये सारे इस पाठ्यक्रम के लिए बनाए गए अभ्यास प्रश्न हैं। ये पुराने बोर्ड प्रश्न पत्रों के प्रश्न नहीं हैं।

स्तर 0: बिल्कुल शुरुआत

अभ्यास 0-1. इनमें से अभाज्य संख्याएँ कौन सी हैं: 1, 2, 9, 11, 15?

कौन-सा नियम लगेगा? अभाज्य संख्या के ठीक दो गुणनखंड होते हैं: 1 और वह संख्या खुद।

हल:

  • 1 का सिर्फ एक गुणनखंड है, और वह 1 खुद है। इसलिए 1 न अभाज्य है, न भाज्य।
  • 2 के गुणनखंड 1 और 2 हैं, यानी ठीक दो। इसलिए 2 अभाज्य है।
  • 9 = 3 × 3 है, यानी 3 भी गुणनखंड है। इसलिए 9 भाज्य है।
  • 11 के गुणनखंड सिर्फ 1 और 11 हैं। इसलिए 11 अभाज्य है।
  • 15 = 3 × 5 है। इसलिए 15 भाज्य है।

अंतिम उत्तर: अभाज्य संख्याएँ 2 और 11 हैं।

कॉपी में पूरा हल
1 का सिर्फ एक गुणनखंड (1)⇒ न अभाज्य,न भाज्य
2 के गुणनखंड 1, 2⇒ अभाज्य
9 = 3 × 3⇒ भाज्य
11 के गुणनखंड 1, 11⇒ अभाज्य
15 = 3 × 5⇒ भाज्य
अतः अभाज्य संख्याएँ 2 और 11 हैं

अभ्यास 0-2. 2 × 2 × 2 × 3 × 3 को घात वाले रूप में लिखो, और इसका मान बताओ।

हल:

स्टेप 1: 2 तीन बार गुणा हुआ है, इसलिए 2³ लिखो। 3 दो बार गुणा हुआ है, इसलिए 3² लिखो।

स्टेप 2: मान निकालो: 2³ = 2 × 2 × 2 = 8 और 3² = 3 × 3 = 9 है। फिर 8 × 9 = 72

अंतिम उत्तर: 2³ × 3² = 72

कॉपी में पूरा हल
2 × 2 × 2 × 3 × 3 = 2³ × 3²
⇒ 2³ × 3² = 8 × 9
⇒ = 72
अतः 2³ × 3² = 72

अभ्यास 0-3. क्या 0.5 परिमेय है? इसे के रूप में लिखो।

हल:

स्टेप 1: 0.5 का मतलब "5 दसवाँ भाग" है, यानी 0.5 =

स्टेप 2: ऊपर-नीचे दोनों में 5 से भाग दो: 5 ÷ 5 = 1 और 10 ÷ 5 = 2 है। इसलिए =

स्टेप 3: में p = 1 और q = 2 है। दोनों पूर्णांक हैं, और q शून्य नहीं है।

अंतिम उत्तर: हाँ, 0.5 = परिमेय है।

कॉपी में पूरा हल
0.5 =
⇒ = (ऊपर-नीचे 5 से भाग देने पर)
⇒ =
यहाँ p = 1,q = 2 पूर्णांक हैं और q ≠ 0
अतः 0.5 = एक परिमेय संख्या है

स्तर 1: बहुत आसान

अभ्यास 1-1. 90 का अभाज्य गुणनखंडन करो।

हल:

स्टेप 1: 90 का आखिरी अंक 0 है, इसलिए 90 सम है। 2 से भाग दो।

  1. 90 का पहला अंक 9 है। 9 में 2 जा सकता है, इसलिए 9 से शुरू करो।
    अब 9 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 4 = 8 और 2 × 5 = 10 होता है।
    10 तो 9 से बड़ा है, इसलिए 4 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 4 लिखो, और 9 के नीचे 8 लिखो।
    अब 9 में से 8 माइनस करो: 9 − 8 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 90 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 10 बन गया।
    अब 10 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 5 = 10 होता है, यानी ठीक 10 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 10 के नीचे 10 लिखो।
    अब 10 में से 10 माइनस करो: 10 − 10 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 90 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 90 ÷ 2 में भागफल 45 है और शेष 0 है। यानी 90 = 2 × 45

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 45 × 2 = 90 ✓

स्टेप 2: 45 विषम है। अंकों का जोड़ 4 + 5 = 9 है, जो 3 से जाता है। इसलिए 3 से भाग दो।

  1. 45 का पहला अंक 4 है। 4 में 3 जा सकता है, इसलिए 4 से शुरू करो।
    अब 4 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 1 = 3 और 3 × 2 = 6 होता है।
    6 तो 4 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 4 के नीचे 3 लिखो।
    अब 4 में से 3 माइनस करो: 4 − 3 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 45 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 15 बन गया।
    अब 15 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 5 = 15 होता है, यानी ठीक 15 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 15 के नीचे 15 लिखो।
    अब 15 में से 15 माइनस करो: 15 − 15 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 45 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 45 ÷ 3 में भागफल 15 है और शेष 0 है। यानी 45 = 3 × 15

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 15 × 3 = 45 ✓

स्टेप 3: 15 के अंकों का जोड़ 6 है। 3 × 5 = 15, इसलिए 15 ÷ 3 = 5 होता है। 5 खुद अभाज्य है, और 5 ÷ 5 = 1 होता है। अब रुक जाओ।

अंतिम उत्तर: 90 = 2 × 3 × 3 × 5 = 2 × 3² × 5

जाँच: 2 × 9 × 5 = 18 × 5 = 90 ✓

कॉपी में पूरा हल
90 = 2 × 45
⇒ = 2 × 3 × 15
⇒ = 2 × 3 × 3 × 5
अतः 90 = 2 × 3² × 5
जाँच: 2 × 9 × 5 = 18 × 5 = 90 ✓

अभ्यास 1-2. बताओ परिमेय है या अपरिमेय: √9, √7,

हल:

  • 3 × 3 = 9 है, इसलिए √9 = 3 = है। यह परिमेय है।
  • 2 × 2 = 4 और 3 × 3 = 9 है। बीच में ऐसी कोई पूर्ण संख्या नहीं, जिसका वर्ग 7 हो। √7 अपरिमेय है।
  • पहले से के रूप में है। यह परिमेय है।
कॉपी में पूरा हल
√9 = 3 = ⇒ परिमेय
√7:7 किसी पूर्ण संख्या का वर्ग नहीं⇒ अपरिमेय
पहले से रूप में⇒ परिमेय

अभ्यास 1-3. 8 और 15 सहअभाज्य हैं या नहीं?

कौन-सा नियम लगेगा? सहअभाज्य संख्याओं में 1 के अलावा कोई साझा गुणनखंड नहीं होता।

हल:

स्टेप 1: 8 = 2 × 2 × 2 = 2³ और 15 = 3 × 5 है।

स्टेप 2: 8 में सिर्फ 2 है, और 15 में सिर्फ 3 और 5 हैं। कोई अभाज्य संख्या साझा नहीं है।

अंतिम उत्तर: हाँ, 8 और 15 सहअभाज्य हैं, जबकि दोनों खुद भाज्य संख्याएँ हैं।

कॉपी में पूरा हल
8 = 2 × 2 × 2 = 2³
15 = 3 × 5
दोनों में कोई साझा अभाज्य संख्या नहीं,साझा गुणनखंड सिर्फ 1
अतः 8 और 15 सहअभाज्य हैं

स्तर 2: आसान

अभ्यास 2-1. दो संख्याओं का HCF 6 और LCM 180 है। एक संख्या 30 है। दूसरी संख्या निकालो।

कौन-सा नियम लगेगा? संख्याएँ दो हैं, इसलिए HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या

हल:

स्टेप 1: मान रखो: 6 × 180 = 30 × दूसरी संख्या

स्टेप 2: बाईं तरफ 6 × 180 = 1080 है। इसलिए 1080 = 30 × दूसरी संख्या

स्टेप 3: दूसरी संख्या निकालने के लिए 1080 में 30 से भाग दो।

  1. 1080 का पहला अंक 1 है। 1, 30 से छोटा है, इसलिए 30 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    10 भी 30 से छोटे हैं।
    इसलिए पहले तीन अंक लो, यानी 108 लो।
    अब 108 में 30 कितनी बार जाएगा? 30 को 1, 2, 3, ... से गुणा करके देखो।
    30 × 3 = 90 और 30 × 4 = 120 होता है।
    120 तो 108 से बड़ा है, इसलिए 3 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 3 लिखो, और 108 के नीचे 90 लिखो।
    अब 108 में से 90 माइनस करो: 108 − 90 = 18, यानी 18 बच गया।
  2. अब 1080 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। बचे हुए 18 के साथ मिलकर 180 बन गया।
    अब 180 में 30 कितनी बार जाएगा? 30 को 1, 2, 3, ... से गुणा करके देखो।
    30 × 6 = 180 होता है, यानी ठीक 180 बन जाता है।
    भागफल में 6 लिखो, और 180 के नीचे 180 लिखो।
    अब 180 में से 180 माइनस करो: 180 − 180 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 1080 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 1080 ÷ 30 में भागफल 36 है और शेष 0 है। यानी 1080 = 30 × 36

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 36 × 30 = 1080 ✓

अंतिम उत्तर: दूसरी संख्या 36 है।

जाँच: 30 = 2 × 3 × 5 और 36 = 2² × 3² है। HCF = 2 × 3 = 6 और LCM = 2² × 3² × 5 = 180 आता है ✓

कॉपी में पूरा हल
माना दूसरी संख्या = x
HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या(दो संख्याओं के लिए)
⇒ 6 × 180 = 30 × x
⇒ 1080 = 30 × x
⇒ x = 1080 ÷ 30
⇒ x = 36
अतः दूसरी संख्या 36 है
जाँच: 30 = 2 × 3 × 5,36 = 2² × 3²
HCF = 2 × 3 = 6,LCM = 2² × 3² × 5 = 180 ✓

अभ्यास 2-2. क्या 15ⁿ (n प्राकृत संख्या) कभी अंक 0 पर खत्म हो सकती है?

हल:

स्टेप 1: 15 = 3 × 5 है। इसलिए 15ⁿ = 3ⁿ × 5ⁿ है। इसमें सिर्फ 3 और 5 हैं, 2 नहीं है।

स्टेप 2: 0 पर खत्म होने के लिए अभाज्य गुणनखंडों में 2 और 5 दोनों चाहिए।

स्टेप 3: आधारभूत प्रमेय कहती है कि अभाज्य गुणनखंडन सिर्फ एक तरह का होता है। इसलिए 15ⁿ में 2 कभी नहीं आएगा।

अंतिम उत्तर: नहीं, 15ⁿ कभी अंक 0 पर खत्म नहीं होगी।

कॉपी में पूरा हल
15 = 3 × 5
⇒ 15ⁿ = 3ⁿ × 5ⁿ
15ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में 2 नहीं है
0 पर खत्म होने के लिए 2 और 5 दोनों चाहिए(10 = 2 × 5)
आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 15ⁿ में 2 कभी नहीं आएगा
अतः 15ⁿ कभी अंक 0 पर खत्म नहीं होगी

अभ्यास 2-3. 8, 12 और 20 का HCF और LCM निकालो।

हल:

स्टेप 1: 8 = 2³, 12 = 2² × 3 और 20 = 2² × 5 है।

स्टेप 2 (HCF): तीनों में साझा सिर्फ 2 है। 2 की सबसे छोटी घात 2² है। इसलिए HCF = 4

स्टेप 3 (LCM): सारी अभाज्य संख्याएँ 2, 3 और 5 हैं। बड़ी घातें 2³, 3 और 5 हैं। LCM = 8 × 3 × 5 = 24 × 5 = 120

अंतिम उत्तर: HCF = 4 और LCM = 120

जाँच: 8 × 15 = 120, 12 × 10 = 120 और 20 × 6 = 120 है। तीनों 120 में पूरी जाती हैं ✓

कॉपी में पूरा हल
8 = 2³,12 = 2² × 3,20 = 2² × 5
HCF = 2²(साझा 2,छोटी घात)
⇒ HCF = 4
LCM = 2³ × 3 × 5(सारी अभाज्य संख्याएँ,बड़ी घात)
⇒ LCM = 8 × 3 × 5 = 120
अतः HCF = 4 और LCM = 120
जाँच: 120 = 8 × 15 = 12 × 10 = 20 × 6 ✓

स्तर 3: बोर्ड स्तर

अभ्यास 3-1. 84 और 120 का HCF और LCM निकालो, और जाँचो कि HCF × LCM = दोनों का गुणा।

हल:

स्टेप 1: 84 = 2² × 3 × 7 है, इसे पाठ 1 के प्रश्न 5 में तोड़ा था। 120 = 2³ × 3 × 5 है, इसे पाठ 3 के उदाहरण 4 में तोड़ा था।

स्टेप 2 (HCF): दोनों में साझा अभाज्य संख्याएँ 2 और 3 हैं। 2 की घातें 2² और 2³ हैं, छोटी 2² है। 3 की घात दोनों में 3¹ है। HCF = 2² × 3 = 4 × 3 = 12

स्टेप 3 (LCM): सारी अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5, 7 हैं। बड़ी घातें 2³, 3, 5, 7 हैं। LCM = 2³ × 3 × 5 × 7 = 8 × 3 × 5 × 7
8 × 3 = 24 और 5 × 7 = 35 है। फिर 24 × 35 = 24 × 30 + 24 × 5 = 720 + 120 = 840

स्टेप 4: अब दोनों गुणा करके देखो। HCF × LCM = 12 × 840 = 12 × 84 × 10 है। 12 × 84 = 10 × 84 + 2 × 84 = 840 + 168 = 1008 है। इसलिए 12 × 840 = 10080
84 × 120 = 84 × 12 × 10 है। ऊपर निकाला था कि 84 × 12 = 1008 है। इसलिए 84 × 120 = 10080

अंतिम उत्तर: HCF = 12 और LCM = 840 है। दोनों गुणा 10080 बराबर हैं ✓

कॉपी में पूरा हल
84 = 2² × 3 × 7,120 = 2³ × 3 × 5
HCF = 2² × 3 = 12
LCM = 2³ × 3 × 5 × 7 = 840
HCF × LCM = 12 × 840 = 10080
84 × 120 = 10080
अतः HCF = 12,LCM = 840,और HCF × LCM = 84 × 120 ✓

अभ्यास 3-2. सिद्ध करो कि √7 अपरिमेय है।

कौन-सा तरीका लगेगा? तरीका 1, यानी √7 = मानकर वर्ग करना। 7 अभाज्य है, इसलिए प्रमेय 1.2 लगेगी।

हल:

स्टेप 1: उल्टा मान लेते हैं। मान लो √7 परिमेय है। तब:

√7 =

यहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं, और b ≠ 0 है।

स्टेप 2: दोनों तरफ b से गुणा करो:

√7 × b = × b
b√7 = a

दाईं तरफ ऊपर-नीचे का b कट गया, इसलिए a बचा।

स्टेप 3: दोनों तरफ का वर्ग करो:

(b√7)² = a²

b × b = b² और √7 × √7 = 7 होता है। इसलिए:

7b² = a²

यानी a² में 7 से पूरा भाग जाता है। 7 अभाज्य है, इसलिए प्रमेय 1.2 से a में भी जाएगा। इसलिए a = 7c लिखो, जहाँ c एक पूर्णांक है।

स्टेप 4: 7b² = a² में a = 7c रखो:

7b² = (7c)²
7b² = 49c²

दोनों तरफ 7 से भाग दो:

=
b² = 7c²

49 ÷ 7 = 7 होता है, इसलिए दाईं तरफ 7c² बचा। अब b² में 7 से पूरा भाग जाता है, और प्रमेय 1.2 से b में भी।

स्टेप 5: उलटी बात को समझो। हमने माना था कि a और b में 1 के अलावा कुछ साझा नहीं है। लेकिन हल करने पर दोनों में 7 से पूरा भाग गया। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। इसलिए शुरुआत में √7 को परिमेय मानना गलत था।

अंतिम उत्तर: √7 अपरिमेय है।

कॉपी में पूरा हल
माना √7 एक परिमेय संख्या है
तब √7 = ,जहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0
⇒ b√7 = a(दोनों तरफ b से गुणा करने पर)
⇒ (b√7)² = a²(दोनों तरफ वर्ग करने पर)
⇒ 7b² = a²... (1)
⇒ 7 से a² में भाग जाता है
⇒ 7 से a में भी भाग जाता है(प्रमेय 1.2 से)
माना a = 7c,जहाँ c एक पूर्णांक है
(1) में रखने पर,7b² = (7c)²
⇒ 7b² = 49c²
⇒ b² = 7c²(दोनों तरफ 7 से भाग देने पर)
⇒ 7 से b² में भाग जाता है
⇒ 7 से b में भी भाग जाता है(प्रमेय 1.2 से)
⇒ 7,a और b दोनों का साझा गुणनखंड है
पर a और b सहअभाज्य माने थे,यह उलटी बात है
इसलिए √7 को परिमेय मानना गलत था
अतः √7 एक अपरिमेय संख्या है(इति सिद्धम्)

अभ्यास 3-3. सिद्ध करो कि 2 − 3√5 अपरिमेय है।

कौन-सा तरीका लगेगा? तरीका 2, यानी √5 को अकेला करना।

हल:

स्टेप 1: उल्टा मान लेते हैं। मान लो 2 − 3√5 परिमेय है। तब:

2 − 3√5 =

यहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0 है।

स्टेप 2: 3√5 के आगे ऋण है। दोनों तरफ 3√5 जोड़ो:

2 − 3√5 + 3√5 = + 3√5
2 = + 3√5

अब दोनों तरफ से घटाओ:

2 − = 3√5

स्टेप 3: बाईं तरफ एक भिन्न बनाओ। 2 = लिखो:

− = 3√5
= 3√5

स्टेप 4: √5 के साथ लगा 3 हटाओ। दोनों तरफ 3 से भाग दो:

÷ 3 = 3√5 ÷ 3
= √5

स्टेप 5: ऊपर 2b − a और नीचे 3b, दोनों पूर्णांक हैं, और 3b शून्य नहीं है। इसलिए √5 परिमेय हुआ। लेकिन पाठ 6 के प्रश्न 1 से √5 अपरिमेय है। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। इसलिए शुरुआत में 2 − 3√5 को परिमेय मानना गलत था।

अंतिम उत्तर: 2 − 3√5 अपरिमेय है।

कॉपी में पूरा हल
माना 2 − 3√5 एक परिमेय संख्या है
तब 2 − 3√5 = ,जहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0
⇒ 2 = + 3√5(दोनों तरफ 3√5 जोड़ने पर)
⇒ 2 − = 3√5(दोनों तरफ से घटाने पर)
⇒ = 3√5
⇒ √5 = (दोनों तरफ 3 से भाग देने पर)
a, b पूर्णांक हैं और 3b ≠ 0,इसलिए √5 परिमेय है
पर √5 अपरिमेय है,यह उलटी बात है
अतः 2 − 3√5 एक अपरिमेय संख्या है(इति सिद्धम्)

स्तर 4: थोड़ा मुश्किल (बोर्ड का अभ्यास)

अभ्यास 4-1. तीन घंटियाँ 6, 8 और 12 मिनट के अंतर पर बजती हैं। सुबह 8:00 बजे तीनों एक साथ बजीं। अगली बार तीनों एक साथ कब बजेंगी?

प्रश्न क्या कह रहा है? पहली घंटी 6, 12, 18, ... मिनट बाद बजती है। दूसरी 8, 16, 24, ... मिनट बाद। तीसरी 12, 24, ... मिनट बाद। तीनों पहली बार साथ कब बजेंगी?

कौन-सा नियम लगेगा? "फिर कब साथ" वाले प्रश्न में LCM लगता है।

हल:

स्टेप 1: 6 = 2 × 3, 8 = 2³ और 12 = 2² × 3 है।

स्टेप 2: सारी अभाज्य संख्याएँ 2 और 3 हैं। बड़ी घातें 2³ और 3 हैं। LCM = 8 × 3 = 24 मिनट

स्टेप 3: 8:00 बजे के 24 मिनट बाद 8:24 होगा।

अंतिम उत्तर: तीनों घंटियाँ सुबह 8:24 बजे फिर एक साथ बजेंगी।

जाँच: 6 × 4 = 24, 8 × 3 = 24 और 12 × 2 = 24 है। तीनों 24 मिनट पर बजती हैं ✓

कॉपी में पूरा हल
6 = 2 × 3,8 = 2³,12 = 2² × 3
LCM = 2³ × 3 = 24
⇒ तीनों घंटियाँ 24 मिनट बाद साथ बजेंगी
8:00 + 24 मिनट = 8:24
अतः तीनों घंटियाँ सुबह 8:24 बजे फिर साथ बजेंगी
जाँच: 24 = 6 × 4 = 8 × 3 = 12 × 2 ✓

अभ्यास 4-2. सबसे बड़ी संख्या निकालो, जिससे भाग देने पर 70 में 5 और 125 में 8 बचे।

प्रश्न क्या कह रहा है? एक संख्या ढूँढनी है। उससे 70 में भाग दो, तो 5 बचे। 125 में भाग दो, तो 8 बचे।

कौन-सा नियम लगेगा? जो बचता है, उसे पहले घटा दो। तब पूरा भाग जाएगा। फिर "सबसे बड़ी संख्या जिससे दोनों में पूरा भाग जाए" = HCF

हल:

स्टेप 1: 70 में 5 बचता है, तो 70 − 5 = 65 में पूरा भाग जाएगा।

स्टेप 2: 125 में 8 बचता है, तो 125 − 8 = 117 में पूरा भाग जाएगा।

स्टेप 3: अब HCF(65, 117) निकालो। पहले 65 को तोड़ो। आखिरी अंक 5 है, इसलिए 5 से भाग दो।

  1. 65 का पहला अंक 6 है। 6 में 5 जा सकता है, इसलिए 6 से शुरू करो।
    अब 6 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 1 = 5 और 5 × 2 = 10 होता है।
    10 तो 6 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 6 के नीचे 5 लिखो।
    अब 6 में से 5 माइनस करो: 6 − 5 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 65 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 15 बन गया।
    अब 15 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 3 = 15 होता है, यानी ठीक 15 बन जाता है।
    भागफल में 3 लिखो, और 15 के नीचे 15 लिखो।
    अब 15 में से 15 माइनस करो: 15 − 15 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 65 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 65 ÷ 5 में भागफल 13 है और शेष 0 है। यानी 65 = 5 × 13

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 13 × 5 = 65 ✓

13 खुद अभाज्य है। इसलिए 65 = 5 × 13

स्टेप 4: अब 117 को तोड़ो। 117 विषम है। अंकों का जोड़ 1 + 1 + 7 = 9 है, जो 3 से जाता है।

  1. 117 का पहला अंक 1 है। 1, 3 से छोटा है, इसलिए 3 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 11 लो।
    अब 11 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 3 = 9 और 3 × 4 = 12 होता है।
    12 तो 11 से बड़ा है, इसलिए 3 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 3 लिखो, और 11 के नीचे 9 लिखो।
    अब 11 में से 9 माइनस करो: 11 − 9 = 2, यानी 2 बच गया।
  2. अब 117 का अगला अंक 7 नीचे लाओ। बचे हुए 2 के साथ मिलकर 27 बन गया।
    अब 27 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 9 = 27 होता है, यानी ठीक 27 बन जाता है।
    भागफल में 9 लिखो, और 27 के नीचे 27 लिखो।
    अब 27 में से 27 माइनस करो: 27 − 27 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 117 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 117 ÷ 3 में भागफल 39 है और शेष 0 है। यानी 117 = 3 × 39

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 39 × 3 = 117 ✓

39 के अंकों का जोड़ 12 है, जो फिर 3 से जाता है।

  1. 39 का पहला अंक 3 है। 3 में 3 जा सकता है, इसलिए 3 से शुरू करो।
    अब 3 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 1 = 3 होता है, यानी ठीक 3 बन जाता है।
    भागफल में 1 लिखो, और 3 के नीचे 3 लिखो।
    अब 3 में से 3 माइनस करो: 3 − 3 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  2. अब 39 का अगला अंक 9 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 9 है।
    अब 9 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 3 = 9 होता है, यानी ठीक 9 बन जाता है।
    भागफल में 3 लिखो, और 9 के नीचे 9 लिखो।
    अब 9 में से 9 माइनस करो: 9 − 9 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 39 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 39 ÷ 3 में भागफल 13 है और शेष 0 है। यानी 39 = 3 × 13

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 13 × 3 = 39 ✓

13 खुद अभाज्य है। इसलिए 117 = 3 × 3 × 13 = 3² × 13

स्टेप 5: 65 = 5 × 13 और 117 = 3² × 13 में साझा सिर्फ 13 है। इसलिए HCF = 13

अंतिम उत्तर: वह सबसे बड़ी संख्या 13 है।

जाँच: अब 70 और 125 में 13 से भाग देकर शेष देखो।

  1. 70 का पहला अंक 7 है। 7, 13 से छोटा है, इसलिए 13 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 70 लो।
    अब 70 में 13 कितनी बार जाएगा? 13 का पहाड़ा देखो।
    13 × 5 = 65 और 13 × 6 = 78 होता है।
    78 तो 70 से बड़ा है, इसलिए 5 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 5 लिखो, और 70 के नीचे 65 लिखो।
    अब 70 में से 65 माइनस करो: 70 − 65 = 5, यानी 5 बच गया।
    अब 70 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 70 ÷ 13 में भागफल 5 है और शेष 5 है।

जाँच: भागफल × भाजक + शेष = भाज्य होना चाहिए। 5 × 13 = 65, और 65 + 5 = 70 ✓

  1. 125 का पहला अंक 1 है। 1, 13 से छोटा है, इसलिए 13 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    12 भी 13 से छोटे हैं।
    इसलिए पहले तीन अंक लो, यानी 125 लो।
    अब 125 में 13 कितनी बार जाएगा? 13 का पहाड़ा देखो।
    13 × 9 = 117 और 13 × 10 = 130 होता है।
    130 तो 125 से बड़ा है, इसलिए 9 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 9 लिखो, और 125 के नीचे 117 लिखो।
    अब 125 में से 117 माइनस करो: 125 − 117 = 8, यानी 8 बच गया।
    अब 125 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 125 ÷ 13 में भागफल 9 है और शेष 8 है।

जाँच: भागफल × भाजक + शेष = भाज्य होना चाहिए। 9 × 13 = 117, और 117 + 8 = 125 ✓

शेष 5 और 8 आए, जैसा प्रश्न में कहा था ✓

कॉपी में पूरा हल
70 − 5 = 65 और 125 − 8 = 117(शेष घटाने पर पूरा भाग जाएगा)
65 = 5 × 13
117 = 3 × 3 × 13 = 3² × 13
HCF(65, 117) = 13
अतः वह सबसे बड़ी संख्या 13 है
जाँच: 70 = 13 × 5 + 5(शेष 5)
125 = 13 × 9 + 8(शेष 8) ✓

अभ्यास 4-3. √3 और √12 दोनों अपरिमेय हैं। उनका गुणा परिमेय है या अपरिमेय?

हल:

स्टेप 1: √ वाली दो संख्याओं का गुणा एक ही √ के अंदर कर सकते हैं: √3 × √12 = √(3 × 12) = √36

स्टेप 2: 6 × 6 = 36 है, इसलिए √36 = 6 है। और 6 = परिमेय है।

अंतिम उत्तर: गुणा 6 है, जो परिमेय है। इससे पता चलता है कि दो अपरिमेय संख्याओं का गुणा हमेशा अपरिमेय नहीं होता।

कॉपी में पूरा हल
√3 × √12 = √(3 × 12)
⇒ = √36
⇒ = 6(क्योंकि 6 × 6 = 36)
6 = परिमेय है
अतः √3 × √12 = 6,जो परिमेय है

बोर्ड परीक्षा में कैसे आता है

UPMSP मॉडल पेपर 2026–27

यह बोर्ड का नमूना पेपर है, पुराने साल का प्रश्न पत्र नहीं। पेपर 70 अंक का है। खण्ड अ में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (20 अंक) हैं, और खण्ड ब में 50 अंक के लिखने वाले प्रश्न।

मॉडल पेपर का प्रश्नअंककहाँ हल है
खण्ड अ, प्रश्न 1: LCM 60, HCF 3, एक संख्या 12, दूसरी?1पाठ 3 (उत्तर: 15)
खण्ड अ, प्रश्न 3: n² − 1 में 8 से भाग, n है एक?1नीचे
खण्ड अ, प्रश्न 5: कौन सा कथन सत्य है (परिमेय, अपरिमेय)1पाठ 5 (उत्तर: B)
खण्ड ब, प्रश्न 1(क): दर्शाइए कि 3√2 अपरिमेय है2पाठ 5 (NCERT उदाहरण 7)

खण्ड अ, प्रश्न 3: संख्या n² − 1, 8 से विभाज्य होती है, यदि n है एक- (A) पूर्णांक (B) प्राकृत संख्या (C) विषम संख्या (D) समसंख्या

प्रश्न क्या कह रहा है? n कैसी संख्या हो, कि n² − 1 में हमेशा 8 से पूरा भाग जाए? "विभाज्य" का मतलब है "पूरा भाग जाना"।

कौन-सा तरीका लगेगा? पहले कुछ मान रखकर देखो। जो विकल्प किसी एक मान पर भी गलत हो, वह "हमेशा" सही नहीं हो सकता।

हल:

nn² − 18 से पूरा भाग?
2 (सम)4 − 1 = 3नहीं
3 (विषम)9 − 1 = 8हाँ
4 (सम)16 − 1 = 15नहीं
5 (विषम)25 − 1 = 24हाँ
7 (विषम)49 − 1 = 48हाँ
  1. n = 2 पर 8 से भाग नहीं गया। पर 2 एक पूर्णांक भी है, प्राकृत संख्या भी है और सम संख्या भी।
  2. इसलिए (A), (B) और (D) हमेशा सही नहीं हैं।
  3. हर विषम n पर बात बनी।

यह हमेशा क्यों होता है (समझने के लिए):

  1. हर विषम संख्या को 2k + 1 लिख सकते हैं, जहाँ k कोई पूर्ण संख्या है। जैसे 7 = 2 × 3 + 1 है।
  2. n² − 1 = (n − 1)(n + 1) होता है। n = 2k + 1 रखो: (2k)(2k + 2) = 2k × 2(k + 1) = 4 × k(k + 1)
  3. k और k + 1 लगातार दो संख्याएँ हैं, जैसे 3 और 4 हैं। इनमें से एक हमेशा सम होती है। इसलिए k(k + 1) में 2 से भाग जाता है।
  4. तो n² − 1 = 4 × 2 × (कोई संख्या) = 8 × (कोई संख्या) है। यानी 8 से पूरा भाग जाता है।

अतः सही विकल्प (C) विषम संख्या है।

कॉपी में पूरा हल
n = 2 पर n² − 1 = 3,जिसमें 8 से भाग नहीं जाता⇒ (A), (B), (D) गलत
माना n विषम है,n = 2k + 1
n² − 1 = (n − 1)(n + 1)
⇒ = (2k)(2k + 2)
⇒ = 4 × k(k + 1)
k और k + 1 में से एक सम है,इसलिए k(k + 1) = 2 × (कोई संख्या)
⇒ n² − 1 = 8 × (कोई संख्या)
अतः सही विकल्प (C) विषम संख्या है

पुराने बोर्ड प्रश्न पत्र

इस पाठ में UP बोर्ड के पुराने प्रश्न पत्रों के प्रश्न नहीं लिए गए हैं। वे पेपर हमने अभी जाँचे नहीं हैं। इसलिए "यह प्रश्न इतनी बार आया" जैसा कोई दावा यहाँ नहीं है। ऊपर सिर्फ मॉडल पेपर 2026–27 के प्रश्न हैं।

आम गलतियाँ

गलतीसही तरीका
1 को अभाज्य मानना1 न अभाज्य है, न भाज्य
HCF में बड़ी घात, LCM में छोटी घात लेनाHCF = छोटी, LCM = बड़ी
तीन संख्याओं पर HCF × LCM = गुणा लगानायह सूत्र सिर्फ दो संख्याओं के लिए है
"फिर कब मिलेंगे" में HCF निकालनावहाँ LCM लगता है
0 पर खत्म वाले सवाल में सिर्फ कुछ मान लिखनाअभाज्य गुणनखंडन और अद्वितीयता से कारण दो
उपपत्ति में "सहअभाज्य" और आखिरी पंक्ति भूलनाये दोनों लिखे बिना पूरे अंक नहीं मिलते
भाग देते समय शेष के साथ अगला अंक न उतारनाहर बार शेष के आगे अगला अंक लिखो
उतारे गए अंक में भाग न जाए, तो भागफल में 0 न लिखनाजैसे 315 ÷ 3 = 105 है, 15 नहीं
यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म पढ़ने में समय लगानायह 2026–27 पाठ्यक्रम में नहीं है

अध्याय परीक्षा (पूरे हल के साथ)

20 अंक, 40 मिनट

यह बोर्ड जैसी परीक्षा है। नीचे हर प्रश्न का पूरा हल दिया है। ये सारे इस पाठ्यक्रम के लिए बनाए गए प्रश्न हैं।

खण्ड अ (बहुविकल्पीय, हर प्रश्न 1 अंक)

  1. 72 का अभाज्य गुणनखंडन है: (A) 2³ × 3² (B) 2² × 3³ (C) 2⁴ × 3 (D) 2 × 3⁴
  2. 2³ × 3² और 2² × 3³ का HCF है: (A) 36 (B) 216 (C) 6 (D) 72
  3. दो संख्याओं का HCF 4 और LCM 48 है। एक संख्या 12 है। दूसरी है: (A) 8 (B) 16 (C) 24 (D) 4
  4. इनमें से अपरिमेय कौन सी है: (A) √16 (B) 0.25 (C) √11 (D)
  5. 2ⁿ (n प्राकृत संख्या) अंक 0 पर खत्म होगी: (A) n = 5 पर (B) n = 10 पर (C) हर सम n पर (D) किसी भी n पर नहीं

खण्ड ब (हर प्रश्न 2 अंक)

  1. 4620 का अभाज्य गुणनखंडन कीजिए।
  2. 90 और 144 का HCF और LCM ज्ञात कीजिए, और जाँचिए कि HCF × LCM = 90 × 144
  3. दर्शाइए कि 5√3 एक अपरिमेय संख्या है।

खण्ड स

  1. (4 अंक) सिद्ध कीजिए कि √3 अपरिमेय है। इसकी मदद से दर्शाइए कि 2 + √3 भी अपरिमेय है।
  2. (5 अंक) दो टंकियों में 850 लीटर और 680 लीटर दूध है। सबसे बड़ा बर्तन कितने लीटर का होगा जिससे दोनों टंकियों का दूध पूरा-पूरा नापा जा सके? हर टंकी को कितनी बार नापना होगा?

पूरा हल:

प्रश्न 1 का हल

हल:

स्टेप 1: 72 सम है, इसलिए 2 से भाग दो।

  1. 72 का पहला अंक 7 है। 7 में 2 जा सकता है, इसलिए 7 से शुरू करो।
    अब 7 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 3 = 6 और 2 × 4 = 8 होता है।
    8 तो 7 से बड़ा है, इसलिए 3 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 3 लिखो, और 7 के नीचे 6 लिखो।
    अब 7 में से 6 माइनस करो: 7 − 6 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 72 का अगला अंक 2 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 12 बन गया।
    अब 12 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 6 = 12 होता है, यानी ठीक 12 बन जाता है।
    भागफल में 6 लिखो, और 12 के नीचे 12 लिखो।
    अब 12 में से 12 माइनस करो: 12 − 12 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 72 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 72 ÷ 2 में भागफल 36 है और शेष 0 है। यानी 72 = 2 × 36

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 36 × 2 = 72 ✓

स्टेप 2: 36 भी सम है, फिर 2 से भाग दो।

  1. 36 का पहला अंक 3 है। 3 में 2 जा सकता है, इसलिए 3 से शुरू करो।
    अब 3 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 1 = 2 और 2 × 2 = 4 होता है।
    4 तो 3 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 3 के नीचे 2 लिखो।
    अब 3 में से 2 माइनस करो: 3 − 2 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 36 का अगला अंक 6 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 16 बन गया।
    अब 16 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 8 = 16 होता है, यानी ठीक 16 बन जाता है।
    भागफल में 8 लिखो, और 16 के नीचे 16 लिखो।
    अब 16 में से 16 माइनस करो: 16 − 16 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 36 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 36 ÷ 2 में भागफल 18 है और शेष 0 है। यानी 36 = 2 × 18

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 18 × 2 = 36 ✓

स्टेप 3: 2 × 9 = 18, इसलिए 18 ÷ 2 = 9 होता है। फिर 3 × 3 = 9, इसलिए 9 ÷ 3 = 3 और 3 ÷ 3 = 1 होता है।

स्टेप 4: 2 से तीन बार और 3 से दो बार भाग दिया। इसलिए 72 = 2³ × 3²

अतः सही विकल्प (A) है।

कॉपी में पूरा हल
72 = 2 × 36
⇒ = 2 × 2 × 18
⇒ = 2 × 2 × 2 × 9
⇒ = 2 × 2 × 2 × 3 × 3
⇒ 72 = 2³ × 3²
अतः सही विकल्प (A) है

प्रश्न 2 का हल

हल:

स्टेप 1: दोनों संख्याओं में 2 और 3 साझा हैं।

स्टेप 2: 2 की घातें 2³ और 2² हैं, छोटी 2² है। 3 की घातें 3² और 3³ हैं, छोटी 3² है।

स्टेप 3: HCF = 2² × 3² = 4 × 9 = 36

अतः सही विकल्प (A) है। (216 = 2³ × 3³ है, यह LCM है, HCF नहीं।)

कॉपी में पूरा हल
2³ × 3² और 2² × 3³ में साझा 2 और 3
HCF = 2² × 3²(हर एक की छोटी घात)
⇒ HCF = 4 × 9 = 36
अतः सही विकल्प (A) है

प्रश्न 3 का हल

हल:

स्टेप 1: दो संख्याएँ हैं, इसलिए HCF × LCM = पहली × दूसरी। यानी 4 × 48 = 12 × दूसरी संख्या

स्टेप 2: 4 × 48 = 192 है। इसलिए दूसरी संख्या = 192 ÷ 12

  1. 192 का पहला अंक 1 है। 1, 12 से छोटा है, इसलिए 12 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 19 लो।
    अब 19 में 12 कितनी बार जाएगा? 12 का पहाड़ा देखो।
    12 × 1 = 12 और 12 × 2 = 24 होता है।
    24 तो 19 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 19 के नीचे 12 लिखो।
    अब 19 में से 12 माइनस करो: 19 − 12 = 7, यानी 7 बच गया।
  2. अब 192 का अगला अंक 2 नीचे लाओ। बचे हुए 7 के साथ मिलकर 72 बन गया।
    अब 72 में 12 कितनी बार जाएगा? 12 का पहाड़ा देखो।
    12 × 6 = 72 होता है, यानी ठीक 72 बन जाता है।
    भागफल में 6 लिखो, और 72 के नीचे 72 लिखो।
    अब 72 में से 72 माइनस करो: 72 − 72 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 192 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 192 ÷ 12 में भागफल 16 है और शेष 0 है। यानी 192 = 12 × 16

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 16 × 12 = 192 ✓

अतः सही विकल्प (B) है।

जाँच: 12 = 2² × 3 और 16 = 2⁴ है। HCF = 2² = 4 और LCM = 2⁴ × 3 = 48 आता है ✓

कॉपी में पूरा हल
माना दूसरी संख्या = x
HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या
⇒ 4 × 48 = 12 × x
⇒ 192 = 12 × x
⇒ x = 192 ÷ 12 = 16
अतः सही विकल्प (B) है

प्रश्न 4 का हल

हल:

  • 4 × 4 = 16 है, इसलिए √16 = 4 परिमेय है।
  • 0.25 = = परिमेय है।
  • पहले से भिन्न है, इसलिए परिमेय है।
  • 3 × 3 = 9 और 4 × 4 = 16 है। बीच में कोई पूर्ण संख्या नहीं, जिसका वर्ग 11 हो। इसलिए √11 अपरिमेय है।

अतः सही विकल्प (C) है।

कॉपी में पूरा हल
√16 = 4⇒ परिमेय
0.25 = = ⇒ परिमेय
⇒ परिमेय
√11:11 किसी पूर्ण संख्या का वर्ग नहीं⇒ अपरिमेय
अतः सही विकल्प (C) है

प्रश्न 5 का हल

हल:

स्टेप 1: 2ⁿ में सिर्फ अभाज्य संख्या 2 है, 5 नहीं है।

स्टेप 2: 0 पर खत्म होने के लिए 2 और 5 दोनों चाहिए। आधारभूत प्रमेय की अद्वितीयता से 5 कभी नहीं आएगा।

अतः सही विकल्प (D) है।

कॉपी में पूरा हल
2ⁿ के अभाज्य गुणनखंडों में सिर्फ 2 है,5 नहीं
0 पर खत्म होने के लिए 2 और 5 दोनों चाहिए
अतः 2ⁿ किसी भी n पर 0 पर खत्म नहीं होगी,सही विकल्प (D) है

प्रश्न 6 का हल

हल:

स्टेप 1: 4620 का आखिरी अंक 0 है, इसलिए 2 से भाग दो।

  1. 4620 का पहला अंक 4 है। 4 में 2 जा सकता है, इसलिए 4 से शुरू करो।
    अब 4 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 2 = 4 होता है, यानी ठीक 4 बन जाता है।
    भागफल में 2 लिखो, और 4 के नीचे 4 लिखो।
    अब 4 में से 4 माइनस करो: 4 − 4 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  2. अब 4620 का अगला अंक 6 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 6 है।
    अब 6 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 3 = 6 होता है, यानी ठीक 6 बन जाता है।
    भागफल में 3 लिखो, और 6 के नीचे 6 लिखो।
    अब 6 में से 6 माइनस करो: 6 − 6 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  3. अब 4620 का अगला अंक 2 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 2 है।
    अब 2 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 1 = 2 होता है, यानी ठीक 2 बन जाता है।
    भागफल में 1 लिखो, और 2 के नीचे 2 लिखो।
    अब 2 में से 2 माइनस करो: 2 − 2 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  4. अब 4620 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 0 है।
    0 में 2 एक बार भी नहीं जाता, क्योंकि 2 × 0 = 0 होता है।
    इसलिए भागफल में 0 लिखो। 0 − 0 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 4620 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 4620 ÷ 2 में भागफल 2310 है और शेष 0 है। यानी 4620 = 2 × 2310

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 2310 × 2 = 4620 ✓

स्टेप 2: 2310 भी सम है, फिर 2 से भाग दो।

  1. 2310 का पहला अंक 2 है। 2 में 2 जा सकता है, इसलिए 2 से शुरू करो।
    अब 2 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 1 = 2 होता है, यानी ठीक 2 बन जाता है।
    भागफल में 1 लिखो, और 2 के नीचे 2 लिखो।
    अब 2 में से 2 माइनस करो: 2 − 2 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  2. अब 2310 का अगला अंक 3 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 3 है।
    अब 3 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 1 = 2 और 2 × 2 = 4 होता है।
    4 तो 3 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 3 के नीचे 2 लिखो।
    अब 3 में से 2 माइनस करो: 3 − 2 = 1, यानी 1 बच गया।
  3. अब 2310 का अगला अंक 1 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 11 बन गया।
    अब 11 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 5 = 10 और 2 × 6 = 12 होता है।
    12 तो 11 से बड़ा है, इसलिए 5 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 5 लिखो, और 11 के नीचे 10 लिखो।
    अब 11 में से 10 माइनस करो: 11 − 10 = 1, यानी 1 बच गया।
  4. अब 2310 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 10 बन गया।
    अब 10 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 5 = 10 होता है, यानी ठीक 10 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 10 के नीचे 10 लिखो।
    अब 10 में से 10 माइनस करो: 10 − 10 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 2310 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 2310 ÷ 2 में भागफल 1155 है और शेष 0 है। यानी 2310 = 2 × 1155

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 1155 × 2 = 2310 ✓

स्टेप 3: 1155 विषम है। अंकों का जोड़ 1 + 1 + 5 + 5 = 12 है, जो 3 से जाता है।

  1. 1155 का पहला अंक 1 है। 1, 3 से छोटा है, इसलिए 3 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 11 लो।
    अब 11 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 3 = 9 और 3 × 4 = 12 होता है।
    12 तो 11 से बड़ा है, इसलिए 3 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 3 लिखो, और 11 के नीचे 9 लिखो।
    अब 11 में से 9 माइनस करो: 11 − 9 = 2, यानी 2 बच गया।
  2. अब 1155 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 2 के साथ मिलकर 25 बन गया।
    अब 25 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 8 = 24 और 3 × 9 = 27 होता है।
    27 तो 25 से बड़ा है, इसलिए 8 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 8 लिखो, और 25 के नीचे 24 लिखो।
    अब 25 में से 24 माइनस करो: 25 − 24 = 1, यानी 1 बच गया।
  3. अब 1155 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 15 बन गया।
    अब 15 में 3 कितनी बार जाएगा? 3 का पहाड़ा देखो।
    3 × 5 = 15 होता है, यानी ठीक 15 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 15 के नीचे 15 लिखो।
    अब 15 में से 15 माइनस करो: 15 − 15 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 1155 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 1155 ÷ 3 में भागफल 385 है और शेष 0 है। यानी 1155 = 3 × 385

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 385 × 3 = 1155 ✓

स्टेप 4: 385 के अंकों का जोड़ 16 है, जो 3 से नहीं जाता। आखिरी अंक 5 है, इसलिए 5 से भाग दो।

  1. 385 का पहला अंक 3 है। 3, 5 से छोटा है, इसलिए 5 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 38 लो।
    अब 38 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 7 = 35 और 5 × 8 = 40 होता है।
    40 तो 38 से बड़ा है, इसलिए 7 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 7 लिखो, और 38 के नीचे 35 लिखो।
    अब 38 में से 35 माइनस करो: 38 − 35 = 3, यानी 3 बच गया।
  2. अब 385 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 3 के साथ मिलकर 35 बन गया।
    अब 35 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 7 = 35 होता है, यानी ठीक 35 बन जाता है।
    भागफल में 7 लिखो, और 35 के नीचे 35 लिखो।
    अब 35 में से 35 माइनस करो: 35 − 35 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 385 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 385 ÷ 5 में भागफल 77 है और शेष 0 है। यानी 385 = 5 × 77

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 77 × 5 = 385 ✓

स्टेप 5: 77 का आखिरी अंक 7 है, इसलिए 5 से नहीं। 7 × 11 = 77 है, इसलिए 77 ÷ 7 = 11 होता है। 11 खुद अभाज्य है, और 11 ÷ 11 = 1 होता है। अब रुक जाओ।

अतः 4620 = 2 × 2 × 3 × 5 × 7 × 11 = 2² × 3 × 5 × 7 × 11

जाँच: 4 × 3 = 12, 12 × 5 = 60, 60 × 7 = 420 और 420 × 11 = 4620 ✓

कॉपी में पूरा हल
4620 = 2 × 2310
⇒ = 2 × 2 × 1155
⇒ = 2 × 2 × 3 × 385
⇒ = 2 × 2 × 3 × 5 × 77
⇒ = 2 × 2 × 3 × 5 × 7 × 11
अतः 4620 = 2² × 3 × 5 × 7 × 11
जाँच: 4 × 3 × 5 × 7 × 11 = 60 × 77 = 4620 ✓

प्रश्न 7 का हल

हल:

स्टेप 1: 90 = 2 × 3² × 5 है। यह ऊपर अभ्यास 1-1 में निकाला था।

स्टेप 2: 144 को तोड़ो। 144 सम है, इसलिए 2 से भाग दो।

  1. 144 का पहला अंक 1 है। 1, 2 से छोटा है, इसलिए 2 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 14 लो।
    अब 14 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 7 = 14 होता है, यानी ठीक 14 बन जाता है।
    भागफल में 7 लिखो, और 14 के नीचे 14 लिखो।
    अब 14 में से 14 माइनस करो: 14 − 14 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  2. अब 144 का अगला अंक 4 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 4 है।
    अब 4 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 2 = 4 होता है, यानी ठीक 4 बन जाता है।
    भागफल में 2 लिखो, और 4 के नीचे 4 लिखो।
    अब 4 में से 4 माइनस करो: 4 − 4 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 144 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 144 ÷ 2 में भागफल 72 है और शेष 0 है। यानी 144 = 2 × 72

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 72 × 2 = 144 ✓

प्रश्न 1 में निकाला था कि 72 = 2³ × 3² है। इसलिए 144 = 2 × 72 = 2⁴ × 3²

स्टेप 3 (HCF): साझा 2 और 3 हैं। छोटी घातें 2¹ और 3² हैं। HCF = 2 × 9 = 18

स्टेप 4 (LCM): सारी अभाज्य संख्याएँ 2, 3, 5 हैं। बड़ी घातें 2⁴, 3², 5 हैं। LCM = 16 × 9 × 5 = 144 × 5 = 720

स्टेप 5 (जाँच):

  • HCF × LCM = 18 × 720 = 18 × 72 × 10 = 1296 × 10 = 12960
  • 90 × 144 = 9 × 144 × 10 = 1296 × 10 = 12960

दोनों बराबर हैं ✓

कॉपी में पूरा हल
90 = 2 × 3² × 5
144 = 2⁴ × 3²
HCF = 2 × 3² = 18(साझा 2 और 3,छोटी घात)
LCM = 2⁴ × 3² × 5 = 16 × 9 × 5 = 720(सब,बड़ी घात)
HCF × LCM = 18 × 720 = 12960
90 × 144 = 12960
अतः HCF = 18,LCM = 720,और HCF × LCM = 90 × 144 ✓

प्रश्न 8 का हल

हल:

स्टेप 1: उल्टा मान लेते हैं। मान लो 5√3 परिमेय है। तब:

5√3 =

यहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0 है।

स्टेप 2: √3 को अकेला करो। √3 के साथ 5 का गुणा है, इसलिए दोनों तरफ 5 से भाग दो:

5√3 ÷ 5 = ÷ 5
√3 =

बाईं तरफ 5 कट गया। दाईं तरफ भिन्न में 5 से भाग देने पर नीचे वाला b, 5b बन गया।

स्टेप 3: ऊपर a और नीचे 5b पूर्णांक हैं, और 5b शून्य नहीं है। इसलिए परिमेय है, यानी √3 परिमेय हुआ।

स्टेप 4: उलटी बात को समझो। लेकिन पाठ 5 के उदाहरण 5 से √3 अपरिमेय है। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। इसलिए शुरुआत में 5√3 को परिमेय मानना गलत था।

अतः 5√3 अपरिमेय है।

कॉपी में पूरा हल
माना 5√3 एक परिमेय संख्या है
तब 5√3 = ,जहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0
⇒ √3 = (दोनों तरफ 5 से भाग देने पर)
a, b पूर्णांक हैं और 5b ≠ 0,इसलिए परिमेय है
⇒ √3 परिमेय है
पर √3 अपरिमेय है,यह उलटी बात है
अतः 5√3 एक अपरिमेय संख्या है(इति सिद्धम्)

प्रश्न 9 का हल

पहला भाग: √3 अपरिमेय है

हल:

स्टेप 1: उल्टा मान लेते हैं। मान लो √3 परिमेय है। तब:

√3 =

यहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0 है।

स्टेप 2: दोनों तरफ b से गुणा करो:

√3 × b = × b
b√3 = a

स्टेप 3: दोनों तरफ का वर्ग करो:

(b√3)² = a²
3b² = a²

क्योंकि b × b = b² और √3 × √3 = 3 होता है। यानी a² में 3 से भाग जाता है। 3 अभाज्य है, इसलिए प्रमेय 1.2 से a में भी। इसलिए a = 3c लिखो।

स्टेप 4: a = 3c रखो:

3b² = (3c)²
3b² = 9c²

दोनों तरफ 3 से भाग दो:

=
b² = 3c²

9 ÷ 3 = 3 होता है। अब b² में 3 से भाग जाता है, और प्रमेय 1.2 से b में भी।

स्टेप 5: हमने माना था कि a और b में 1 के अलावा कुछ साझा नहीं है। पर हल करने पर दोनों में 3 से भाग गया। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं, इसलिए √3 को परिमेय मानना गलत था। √3 अपरिमेय है।

दूसरा भाग: 2 + √3 अपरिमेय है

हल:

स्टेप 1: उल्टा मान लेते हैं। मान लो 2 + √3 परिमेय है। तब:

2 + √3 =

यहाँ a, b सहअभाज्य पूर्णांक हैं और b ≠ 0 है।

स्टेप 2: √3 को अकेला करो। दोनों तरफ से 2 घटाओ:

2 + √3 − 2 = − 2
√3 = − 2

स्टेप 3: 2 = लिखो, ताकि दोनों के नीचे b हो:

√3 = −
√3 =

स्टेप 4: ऊपर a − 2b और नीचे b पूर्णांक हैं, और b ≠ 0 है। इसलिए √3 परिमेय हुआ। पर पहले भाग में हमने सिद्ध किया कि √3 अपरिमेय है। ये दोनों बातें एक साथ सही नहीं हो सकतीं। इसलिए शुरुआत में 2 + √3 को परिमेय मानना गलत था।

अतः 2 + √3 अपरिमेय है।

कॉपी में पूरा हल
पहला भाग:
माना √3 परिमेय है,तब √3 = (a, b सहअभाज्य,b ≠ 0)
⇒ b√3 = a
⇒ 3b² = a²... (1)
⇒ 3 से a² में,और इसलिए a में भी भाग जाता है(प्रमेय 1.2 से)
माना a = 3c,(1) में रखने पर 3b² = 9c²
⇒ b² = 3c²
⇒ 3 से b² में,और इसलिए b में भी भाग जाता है
⇒ 3,a और b का साझा गुणनखंड है,जबकि a, b सहअभाज्य थे
अतः √3 अपरिमेय है(इति सिद्धम्)
दूसरा भाग:
माना 2 + √3 परिमेय है,तब 2 + √3 = (a, b सहअभाज्य,b ≠ 0)
⇒ √3 = − 2(दोनों तरफ से 2 घटाने पर)
⇒ √3 = ,जो परिमेय है
पर पहले भाग से √3 अपरिमेय है,यह उलटी बात है
अतः 2 + √3 अपरिमेय है(इति सिद्धम्)

प्रश्न 10 का हल

प्रश्न क्या कह रहा है? एक ही बर्तन से दोनों टंकियों का दूध नापना है। हर बार बर्तन पूरा भरना है। यानी बर्तन के लीटर से 850 में भी पूरा भाग जाए और 680 में भी। ऐसा सबसे बड़ा बर्तन चाहिए।

कौन-सा नियम लगेगा? "सबसे बड़ी संख्या जिससे दोनों में पूरा भाग जाए" = HCF

हल:

स्टेप 1: 850 को तोड़ो। आखिरी अंक 0 है, इसलिए 2 से भाग दो।

  1. 850 का पहला अंक 8 है। 8 में 2 जा सकता है, इसलिए 8 से शुरू करो।
    अब 8 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 4 = 8 होता है, यानी ठीक 8 बन जाता है।
    भागफल में 4 लिखो, और 8 के नीचे 8 लिखो।
    अब 8 में से 8 माइनस करो: 8 − 8 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  2. अब 850 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 5 है।
    अब 5 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 2 = 4 और 2 × 3 = 6 होता है।
    6 तो 5 से बड़ा है, इसलिए 2 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 2 लिखो, और 5 के नीचे 4 लिखो।
    अब 5 में से 4 माइनस करो: 5 − 4 = 1, यानी 1 बच गया।
  3. अब 850 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 10 बन गया।
    अब 10 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 5 = 10 होता है, यानी ठीक 10 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 10 के नीचे 10 लिखो।
    अब 10 में से 10 माइनस करो: 10 − 10 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 850 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 850 ÷ 2 में भागफल 425 है और शेष 0 है। यानी 850 = 2 × 425

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 425 × 2 = 850 ✓

425 का आखिरी अंक 5 है, इसलिए 5 से भाग दो।

  1. 425 का पहला अंक 4 है। 4, 5 से छोटा है, इसलिए 5 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 42 लो।
    अब 42 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 8 = 40 और 5 × 9 = 45 होता है।
    45 तो 42 से बड़ा है, इसलिए 8 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 8 लिखो, और 42 के नीचे 40 लिखो।
    अब 42 में से 40 माइनस करो: 42 − 40 = 2, यानी 2 बच गया।
  2. अब 425 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 2 के साथ मिलकर 25 बन गया।
    अब 25 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 5 = 25 होता है, यानी ठीक 25 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 25 के नीचे 25 लिखो।
    अब 25 में से 25 माइनस करो: 25 − 25 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 425 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 425 ÷ 5 में भागफल 85 है और शेष 0 है। यानी 425 = 5 × 85

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 85 × 5 = 425 ✓

85 का आखिरी अंक 5 है, फिर 5 से भाग दो।

  1. 85 का पहला अंक 8 है। 8 में 5 जा सकता है, इसलिए 8 से शुरू करो।
    अब 8 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 1 = 5 और 5 × 2 = 10 होता है।
    10 तो 8 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 8 के नीचे 5 लिखो।
    अब 8 में से 5 माइनस करो: 8 − 5 = 3, यानी 3 बच गया।
  2. अब 85 का अगला अंक 5 नीचे लाओ। बचे हुए 3 के साथ मिलकर 35 बन गया।
    अब 35 में 5 कितनी बार जाएगा? 5 का पहाड़ा देखो।
    5 × 7 = 35 होता है, यानी ठीक 35 बन जाता है।
    भागफल में 7 लिखो, और 35 के नीचे 35 लिखो।
    अब 35 में से 35 माइनस करो: 35 − 35 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 85 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 85 ÷ 5 में भागफल 17 है और शेष 0 है। यानी 85 = 5 × 17

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 17 × 5 = 85 ✓

17 खुद अभाज्य है। इसलिए 850 = 2 × 5 × 5 × 17 = 2 × 5² × 17

स्टेप 2: 680 को तोड़ो। आखिरी अंक 0 है, इसलिए 2 से भाग दो।

  1. 680 का पहला अंक 6 है। 6 में 2 जा सकता है, इसलिए 6 से शुरू करो।
    अब 6 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 3 = 6 होता है, यानी ठीक 6 बन जाता है।
    भागफल में 3 लिखो, और 6 के नीचे 6 लिखो।
    अब 6 में से 6 माइनस करो: 6 − 6 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  2. अब 680 का अगला अंक 8 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 8 है।
    अब 8 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 4 = 8 होता है, यानी ठीक 8 बन जाता है।
    भागफल में 4 लिखो, और 8 के नीचे 8 लिखो।
    अब 8 में से 8 माइनस करो: 8 − 8 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  3. अब 680 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 0 है।
    0 में 2 एक बार भी नहीं जाता, क्योंकि 2 × 0 = 0 होता है।
    इसलिए भागफल में 0 लिखो। 0 − 0 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 680 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 680 ÷ 2 में भागफल 340 है और शेष 0 है। यानी 680 = 2 × 340

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 340 × 2 = 680 ✓

340 भी सम है, फिर 2 से भाग दो।

  1. 340 का पहला अंक 3 है। 3 में 2 जा सकता है, इसलिए 3 से शुरू करो।
    अब 3 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 1 = 2 और 2 × 2 = 4 होता है।
    4 तो 3 से बड़ा है, इसलिए 1 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 1 लिखो, और 3 के नीचे 2 लिखो।
    अब 3 में से 2 माइनस करो: 3 − 2 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 340 का अगला अंक 4 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 14 बन गया।
    अब 14 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 7 = 14 होता है, यानी ठीक 14 बन जाता है।
    भागफल में 7 लिखो, और 14 के नीचे 14 लिखो।
    अब 14 में से 14 माइनस करो: 14 − 14 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
  3. अब 340 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। पीछे कुछ नहीं बचा था, इसलिए अब हमारे पास सिर्फ 0 है।
    0 में 2 एक बार भी नहीं जाता, क्योंकि 2 × 0 = 0 होता है।
    इसलिए भागफल में 0 लिखो। 0 − 0 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 340 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 340 ÷ 2 में भागफल 170 है और शेष 0 है। यानी 340 = 2 × 170

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 170 × 2 = 340 ✓

170 भी सम है, फिर 2 से भाग दो।

  1. 170 का पहला अंक 1 है। 1, 2 से छोटा है, इसलिए 2 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    इसलिए पहले दो अंक लो, यानी 17 लो।
    अब 17 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 8 = 16 और 2 × 9 = 18 होता है।
    18 तो 17 से बड़ा है, इसलिए 8 बार ही ले सकते हैं।
    भागफल में 8 लिखो, और 17 के नीचे 16 लिखो।
    अब 17 में से 16 माइनस करो: 17 − 16 = 1, यानी 1 बच गया।
  2. अब 170 का अगला अंक 0 नीचे लाओ। बचे हुए 1 के साथ मिलकर 10 बन गया।
    अब 10 में 2 कितनी बार जाएगा? 2 का पहाड़ा देखो।
    2 × 5 = 10 होता है, यानी ठीक 10 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 10 के नीचे 10 लिखो।
    अब 10 में से 10 माइनस करो: 10 − 10 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 170 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 170 ÷ 2 में भागफल 85 है और शेष 0 है। यानी 170 = 2 × 85

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 85 × 2 = 170 ✓

ऊपर देखा था कि 85 = 5 × 17 है। इसलिए 680 = 2 × 2 × 2 × 5 × 17 = 2³ × 5 × 17

स्टेप 3 (HCF): साझा 2, 5 और 17 हैं। छोटी घातें 2¹, 5¹ और 17 हैं। HCF = 2 × 5 × 17 = 10 × 17 = 170 लीटर

स्टेप 4: हर टंकी कितनी बार नापनी होगी, यह भाग देकर निकालो।

  1. 850 का पहला अंक 8 है। 8, 170 से छोटा है, इसलिए 170 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    85 भी 170 से छोटे हैं।
    इसलिए पहले तीन अंक लो, यानी 850 लो।
    अब 850 में 170 कितनी बार जाएगा? 170 को 1, 2, 3, ... से गुणा करके देखो।
    170 × 5 = 500 + 350 = 850 होता है, यानी ठीक 850 बन जाता है।
    भागफल में 5 लिखो, और 850 के नीचे 850 लिखो।
    अब 850 में से 850 माइनस करो: 850 − 850 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 850 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 850 ÷ 170 में भागफल 5 है और शेष 0 है। यानी 850 = 170 × 5

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 5 × 170 = 850 ✓

  1. 680 का पहला अंक 6 है। 6, 170 से छोटा है, इसलिए 170 इसमें एक बार भी पूरा नहीं जाएगा।
    68 भी 170 से छोटे हैं।
    इसलिए पहले तीन अंक लो, यानी 680 लो।
    अब 680 में 170 कितनी बार जाएगा? 170 को 1, 2, 3, ... से गुणा करके देखो।
    170 × 4 = 400 + 280 = 680 होता है, यानी ठीक 680 बन जाता है।
    भागफल में 4 लिखो, और 680 के नीचे 680 लिखो।
    अब 680 में से 680 माइनस करो: 680 − 680 = 0, यानी कुछ नहीं बचा।
    अब 680 का कोई अंक नहीं बचा, इसलिए भाग पूरा हो गया।

इसलिए 680 ÷ 170 में भागफल 4 है और शेष 0 है। यानी 680 = 170 × 4

जाँच: भागफल × भाजक = भाज्य होना चाहिए। 4 × 170 = 680 ✓

अतः सबसे बड़ा बर्तन 170 लीटर का होगा। पहली टंकी 5 बार और दूसरी टंकी 4 बार नापी जाएगी।

कॉपी में पूरा हल
सबसे बड़ा बर्तन = HCF(850, 680)
850 = 2 × 5² × 17
680 = 2³ × 5 × 17
HCF = 2 × 5 × 17 = 170(साझा 2, 5, 17,छोटी घात)
850 ÷ 170 = 5 बार
680 ÷ 170 = 4 बार
अतः सबसे बड़ा बर्तन 170 लीटर का है,पहली टंकी 5 बार और दूसरी 4 बार नापी जाएगी
जाँच: 170 × 5 = 850 और 170 × 4 = 680 ✓

अंक: खण्ड अ = 5, खण्ड ब = 6, खण्ड स = 9 अंक हैं। कुल 20 अंक हैं।

जल्दी दोहराओ

परीक्षा से पहले 5 मिनट वाले नोट्स:

  • आधारभूत प्रमेय: हर भाज्य संख्या अभाज्य संख्याओं का गुणा है, और यह सिर्फ एक तरह से होता है।
  • HCF = साझा, छोटी घात। LCM = सब, बड़ी घात।
  • दो संख्याओं के लिए HCF × LCM = a × b होता है। तीन पर यह सूत्र नहीं चलता।
  • 0 पर खत्म होने के लिए 2 और 5 दोनों गुणनखंड चाहिए। 4ⁿ, 6ⁿ, 15ⁿ कभी 0 पर खत्म नहीं होतीं।
  • "फिर कब मिलेंगे" में LCM लगता है, और "सबसे बड़ा बराबर हिस्सा" में HCF
  • √p की उपपत्ति: उल्टा मानो, √p = (सहअभाज्य), वर्ग करो, a और b दोनों में p से भाग, यह उलटी बात है।
  • a + b√p की उपपत्ति: √p अकेला करो, वह परिमेय निकलता है, जबकि वह अपरिमेय है।
  • यूक्लिड विभाजन एल्गोरिथ्म 2026–27 पाठ्यक्रम में नहीं है।